दोस्तो, यदि आप Azan ke baad ki dua सीखना चाहते हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं। इस लेख के माध्यम से हमने आपको Azan ke baad ki dua के बारे में जानकारी दी है।
यदि आप अज़ान और Azan ke baad ki dua से जुड़ी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो इस लेख को आखिर तक पूरा जरूर पढ़े। तो चलिए लेख को शुरू करते हैं.
अज़ान क्या है ?
अज़ान का हिंदी में अर्थ ऐलान होता है। इस्लाम मे अजान का अर्थ नमाज के लिए लोगो को मस्जिद में बुलाने से है। अजान सुनने के बाद लोग मस्जिद में पहुँचते हैं। एलान कर के बुलाने के लिए ही अजान कहा जाता है।
दूसरे शब्दों में हम यह भी कह सकते है, कि अल्लाह के घर में यानी मस्जिद में नमाज पढ़ने की दावत के लिए पुकारना या आवाज़ लगाना ही अज़ान है।
कुछ लोग मस्जिद में नमाज अदा करने नही जा सकते तो अज़ान उनके लिए भी होती है। जैसे कुछ लोग दुकान पर या फैक्ट्री इत्यादि में काम करते हैं। अज़ान सुन कर उन्हे मालूम हो जाता है कि नमाज़ पढ़ने का वक़्त हो गया है।
अज़ान का जवाब देने का तरीका
अजान :- अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर (2 बार) जवाब:- अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर (2 बार)
हिंदी अर्थ :- अल्लाह बहुत बड़ा है। अल्लाह बहुत बड़ा है (2 बार)
अज़ान:- अशहदु अंल्लाइलाहा इल्लल्लाहु (2 बार) जवाब:- अशहदु अंल्लाइलाहा इल्लल्लाहउ (2 बार) हिंदी अर्थ :- मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के अलावा कोई माबूद नहीं (2 बार )
अज़ान:- अशहदु अन्ना मुहम्मदर रसुलल्लाह (2 बार) जवाब:- अशहदु अन्ना मुहम्मदर रसुलल्लाह (2 बार) हिंदी अर्थ :- मैं गवाही देता हूं कि सल्लम अल्लाह व हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि के रसूल हैं।
अज़ान:- हय्या अलस्सल्लाह (2 बार)
जवाब:- लाहौ ला कुव्व ता इल्ला बिल्लाह (2 बार)
हिंदी अर्थ :- नमाज़ पढ़ने के लिए आओ(2 बार)
अज़ान:- हय्या अलल फलाह (2 बार)
जवाब:- लाहौ ला कुव्व ता इल्ला बिल्लाह (2 बार)
हिंदी अर्थ:- निजात पाने के लिए आओ (2 बार)
अज़ान:- ला इल्लाहा इल्लल्लाह
जवाब:- ला इल्लाहा इल्लल्लाह
हिंदी अर्थ :- अल्लाह के सिवाय कोई माबूद नहीं
अज़ान:- अस्सलातु खैरूं मिनन नउम अस्सलातु खैरूं मिनन नउम (सिर्फ फज़र अज़ान में)
जवाब:- अस्सलातु खैरूं मिनन नउम अस्सलातु खैरूं मिनन नउम
हिंदी अर्थ :- नमाज़ नींद से बेहतर है। नमाज़ नींद से बेहतर है।
अज़ान के बाद की दुआ ( Azan ke baad ki dua)
जब मौजिन पूरी अज़ान कह ले उसके बाद दोनों हाथो को उठाकर यह दुआ पढ़ी जाती है –
अल्लाहुम्मा रब्बा हाज़ीहिल दावती-त-ताम्मति वस्सलातिल कायिमति आती मुहम्मदानिल वसिलता वल फ़ज़ीलता वद्दरजतल रफ़ीअता वब’असहू मक़ामम महमूदा निल्ल्जी व्’अत्तहू वर ज़ुक्ना शफ़ाअतहु यौमल क़ियामती इन्नका ला तुखलिफुल मीआद।
अज़ान के बाद की दुआ का हिंदी अर्थ :- हे ईश्वर! परमात्मा मेरे द्वारा की जा रही पुकार और पढ़ी जा रही नमाज़ के मालिक हज़रत मुहम्मद स.अ. को वसीला मेरी प्रार्थना को स्वीकार करो और तुमने जो हमसे वादा किया था उसे पुरा करो और कयामत के दिन उनकी शफाअत से बहरामंद करो क्योंकि आप हमेशा अपना वादा निभाते हो।
निष्कर्ष :-
दोस्तों, हमें उम्मीद है, कि आप समझ गए होंगे, कि Azan ke baad ki dua कैसे पढ़नी है. इस लेख को पढ़ने के बाद आप azan ke baad ki dua क्या होती है यह समझ गए होंगे।
हमने इस लेख में अज़ान के बाद की दुआ का हिंदी अर्थ भी समझाने का प्रयास किया है। यदि आप इस लेख को पढ़ने के बाद हिंदी translation मे कोई गलती पाते है तो हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं।
ऊपर दिए गए लेख से संबंधित यदि कोई भी संदेह या सवाल आपके मन में है तो हमें कमेंट सेक्शन में कमेंट करके जरूर बताएं। यदि आप किसी अन्य विषय पर जानकारी चाहते है तो उसके लिए कमेंट करके बताएं।
FAQ’s :-
Q1. अजान होने के बाद कौन सी दुआ पढ़ी जाती है ?
Ans. अल्लाहुम्म रब्ब हाजिहिद दअवतित ताम्मति वस्सलातिल काइमति आति सय्यिदिना मुहम्मदा निल वसि ल त वल फदि ल त वद द र जतर्रफी अ त वब अस्हु मकामम महमु दनिल् लजी व अत्तहू वरजक्ना शफा अ तहू यौमल क़ियामति इन्नका ला तुख्लिफुल मीआद।
Q2. अज़ान के बाद क्या प्रार्थना करनी चाहिए ?
Ans. अज़ान के बाद वह दुआ पढ़नी चाहिए जिसको पढ़ने से आपको क़यामत के दिन सिफ़ाअत मिलेगी।
Q3. अजान के वक्त क्या पढ़ना चाहिए ?
Ans. अज़ान के वक़्त अज़ान का जवाब देना चाहिए। वह जबाब क्या क्या होते है इस के बारे में पूरी जानकारी ऊपर दी गयी है।
Q4. अज़ान कितने मिनट का होता है ?
Ans. अज़ान कितने मिनट का होता है, यह अज़ान देने वाले पर निर्भर करता है। क्योंकि हर शख्स का अपना अपना stemina होता है। इसमें सांस रोकना पढ़ता है। आम तौर पर अज़ान 1 से 2 मिनट का होता है।
Q5. अजान में क्या पढ़ते हैं ?
Ans - अज़ान में अल्लाह और मोहम्मद अर्थात सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का ज़िक्र करते हुए लोगो को नमाज़ पढ़ने के लिए बुलाते है।
Q6. अज़ान और नमाज़ में क्या अंतर है ?
Ans- नमाज़ और अज़ान मे बहुत सारे अंतर है। जिनमे से सबसे बड़ा अंतर यह है, कि अज़ान नमाज़ पढ़ने के लिए बुलाने का एक प्रार्थना है।
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